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“साहब जहां भी रहेंगे, बिहार का मान ऊंचा रहेगा” – जेल से अनंत सिंह का भावुक संदेश, नीतीश के राज्यसभा जाने पर बोले ‘बिहार की माटी का सपूत’

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पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर मोकामा के पूर्व विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित बाहुबली नेता अनंत सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। जेल में बंद होने के बावजूद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जारी एक लंबे संदेश ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे अनंत सिंह ने अपने संदेश में मुख्यमंत्री को “बिहार की माटी का असली सपूत” बताते हुए उनके नेतृत्व और योगदान की खुलकर सराहना की है।
जेल से जारी अपने संदेश में अनंत सिंह ने लिखा कि करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। उन्होंने कहा कि जब बिहार की पहचान पिछड़ेपन, अपराध और निराशा से जुड़ चुकी थी, उस समय नीतीश कुमार ने सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था जैसे कई क्षेत्रों में जो बदलाव आया, उसने राज्य की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी।
अनंत सिंह ने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का क्षण है कि नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका निभाने जा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि “साहब जहां भी रहें, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा ऊंचा रहना चाहिए।” उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का अनुभव, दूरदृष्टि और राज्य के प्रति उनका समर्पण अब देश को भी नई दिशा देने में सहायक होगा।
अपने संदेश में उन्होंने 2005 के बाद हुए बदलावों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बिहार में सड़कों का जाल बिछाने से लेकर बिजली व्यवस्था में सुधार और कानून व्यवस्था को मजबूत करने तक, हर बड़े परिवर्तन के पीछे नीतीश कुमार की निर्णायक भूमिका रही है। उनके अनुसार सुशासन की जो पहचान बिहार को मिली, वह मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि और प्रशासनिक क्षमता का परिणाम है।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि संसदीय लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था को भी दर्शाता है। उन्होंने माना कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार जैसा नेता शायद ही दोबारा देखने को मिले। यही वजह है कि उनके दिल्ली जाने की खबर से राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है।
गौरतलब है कि अनंत सिंह पहले भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से नीतीश कुमार के प्रति सम्मान व्यक्त करते रहे हैं। उन्होंने एक बार कहा था कि “जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं, तब तक मैं राजनीति में हूं।” उनके इस पुराने बयान को अब एक बार फिर याद किया जा रहा है और समर्थकों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आने वाले समय में अनंत सिंह का राजनीतिक रुख क्या होगा।
दरअसल गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद से बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। जहां विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं सत्तारूढ़ खेमे के कई नेता इसे नई राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रहे हैं। इसी बीच जेल से आया अनंत सिंह का भावुक संदेश इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के बाद बिहार की राजनीति में कई नए समीकरण बन सकते हैं। ऐसे में अनंत सिंह जैसे नेताओं की भूमिका और उनके अगले कदम पर भी सबकी नजरें टिकी रहेंगी। फिलहाल इतना तय है कि अनंत सिंह के इस बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि व्यक्तिगत स्तर पर उनके और नीतीश कुमार के संबंध आज भी उतने ही मजबूत हैं जितने पहले थे।

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